आजकल तो कंप्यूटर हमारी ज़िंदगी का एक बहुत ज़रूरी हिस्सा बन गए हैं, है ना? सुबह उठो तो फोन (जो एक तरह का कंप्यूटर ही है!) हाथ में, ऑफिस में लैपटॉप या डेस्कटॉप के बिना काम नहीं, और भी न जाने कहाँ-कहाँ हम इनका इस्तेमाल करते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये कंप्यूटर भी कई तरह के होते हैं? जी हाँ, बिल्कुल जैसे अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग गाड़ियाँ होती हैं, वैसे ही कंप्यूटर भी अलग-अलग साइज़, ताकत और काम के हिसाब से बनाए जाते हैं।
आइए, कंप्यूटर की दुनिया में थोड़ा झाँकते हैं और जानते हैं कि ये कितने प्रकार (types) के होते हैं, एकदम सरल और आसान भाषा में! 😊
कंप्यूटर को समझने का सबसे आसान तरीका है उनके आकार (size), गति (speed) और काम करने की क्षमता (power) के आधार पर उन्हें बाँटना। इस हिसाब से मुख्य रूप से इन्हें कुछ इस तरह बांटा जा सकता है:
1. सुपरकंप्यूटर (Supercomputer)
कौन हैं ये? नाम से ही पता चलता है, ये सुपर हैं! ये दुनिया के सबसे तेज़, सबसे ताकतवर और सबसे बड़े कंप्यूटर होते हैं। क्या करते हैं? इनका इस्तेमाल बहुत ही मुश्किल और बड़े-बड़े कामों के लिए होता है, जैसे: मौसम का एकदम सही अनुमान लगाना, वैज्ञानिक रिसर्च करना (जैसे अंतरिक्ष या बीमारियों से जुड़े काम), फिल्मों के बहुत मुश्किल स्पेशल इफ़ेक्ट बनाना, रक्षा (Defence) के क्षेत्रों में जटिल गणनाएं करना। कहाँ मिलते हैं? ये आम लोगों के लिए नहीं होते। ये बड़े-बड़े रिसर्च सेंटरों, सरकारी संस्थाओं या बहुत बड़ी कंपनियों के पास होते हैं। ये एक तरह से कंप्यूटर की दुनिया के 'सुपरहीरो' हैं!
2. मेनफ्रेम कंप्यूटर (Mainframe Computer)
कौन हैं ये? ये भी बहुत बड़े और ताकतवर होते हैं, लेकिन सुपरकंप्यूटर से थोड़े कम। ये बहुत ज़्यादा डेटा को संभालने और एक साथ सैंकड़ों या हज़ारों लोगों को सेवा देने के लिए बने हैं। क्या करते हैं? इनका काम है एक साथ बहुत सारे काम और डेटा को सुरक्षित रखना। बैंकों में आपके सारे खाते और लेन-देन का हिसाब रखना, एयरलाइन टिकट बुकिंग का सिस्टम चलाना, बड़ी कंपनियों का सारा डेटा और कर्मचारियों का रिकॉर्ड रखना। कहाँ मिलते हैं? ये बड़ी कंपनियों, सरकारी विभागों या बैंकों में होते हैं। ये उनके लिए रीढ़ की हड्डी की तरह होते हैं जहाँ एक साथ बहुत सारे काम और डेटा को सुरक्षित रखना होता है।
3. माइक्रो कंप्यूटर (Microcomputer)
अब आते हैं उस कंप्यूटर पर जिनसे हम सबसे ज़्यादा परिचित हैं! इन्हें माइक्रो कंप्यूटर कहते हैं क्योंकि ये एक बहुत छोटे से चिप 'माइक्रोप्रोसेसर' पर काम करते हैं। ये साइज़ में छोटे और कीमत में भी बाकी दोनों से बहुत कम होते हैं। क्या करते हैं? ये आमतौर पर एक व्यक्ति (personally) के इस्तेमाल के लिए बने हैं, इसलिए इन्हें 'पर्सनल कंप्यूटर' (Personal Computer or PC) भी कहा जाता है। इसके अंदर कौन-कौन आते हैं? माइक्रो कंप्यूटर कई तरह के होते हैं, जो हम रोज़ इस्तेमाल करते हैं: डेस्कटॉप कंप्यूटर (Desktop Computer): ये वो हैं जिन्हें आप आमतौर पर घर या ऑफिस की डेस्क (table) पर देखते हैं। इनमें मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस और CPU बॉक्स अलग-अलग होते हैं। ये एक जगह फिक्स रहते हैं। लैपटॉप कंप्यूटर (Laptop Computer): ये पोर्टेबल (portable) होते हैं, यानी आप इन्हें आसानी से कहीं भी ले जा सकते हैं। इनमें स्क्रीन, कीबोर्ड, टचपैड सब एक साथ जुड़े होते हैं और इनमें बैटरी होती है। इन्हें गोद (lap) में रखकर इस्तेमाल कर सकते हैं, इसलिए नाम लैपटॉप पड़ा। टैबलेट कंप्यूटर (Tablet Computer): ये लैपटॉप से भी छोटे होते हैं और इनमें कीबोर्ड या माउस की जगह टचस्क्रीन होती है। जैसे iPad या Android टैबलेट। इन्हें पकड़कर या रखकर इस्तेमाल करते हैं। स्मार्टफोन (Smartphone): हाँ, आपका मोबाइल फोन भी एक तरह का माइक्रो कंप्यूटर ही है! इसमें कॉल करने के अलावा इंटरनेट, ऐप, गेम सब चलता है, ठीक कंप्यूटर की तरह। ये हमारी जेब में रखा सबसे छोटा और सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला कंप्यूटर है। वियरेबल कंप्यूटर (Wearable Computers): जिन्हें पहना जा सके, जैसे स्मार्टवॉच (Smartwatch)। ये भी बहुत छोटे माइक्रो कंप्यूटर होते हैं। देखा दोस्तों, कंप्यूटर की दुनिया कितनी रंगीन है! अलग-अलग कामों और ज़रूरतों के हिसाब से अलग-अलग तरह के कंप्यूटर बने हैं।
चाहे वो दुनिया का सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटर हो या हमारी जेब में रखा स्मार्टफोन, हर कोई अपनी जगह बहुत महत्वपूर्ण है।